पुलिस निरीक्षक (SHO) कौन होते हैं?

दोस्तों जैसे कि हमने आपको बताए हैं SHO का फुल फॉर्म Station House Officer होता है जिसे हिंदी में पुलिस निरीक्षक भी कहा जाता है, जोकि पुलिस विभाग का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पद होता है. दोस्तों आप सभी को यह बता दें कि एक एसएचओ एक पुलिस थाने का प्रमुख अधिकारी होता है जिन्हें Police-Incharge के नाम से भी जाने जाते हैं. थाने में होने वाली सभी कार्य का देखरेख एसएचओ के ऊपर होता है और हर तरह के मुख्य सिद्धांतों के ऊपर एसएचओ जिम्मेदार होते हैं. 

एक एसएचओ (SHO) का पद एक एसआई (Sub Inspector) के ऊपर का पद होता है और एक एसएचओ एक डीएसपी (Deputy Superintendent of Police) के नीचे कार्य करते हैं. एसएचओ के पहचान की बात करें तो इनकी वर्दी की कंधे पर तीन स्टार होते हैं और नीचे की तरफ लाल नीले रंग के दो पट्टी होती है. कॉन्स्टेबल, हेड कांस्टेबल और एसआई एक एसएचओ के निर्देश अनुसार कार्य करते हैं.

एसएचओ का कार्य

पुलिस स्टेशन में एसएचओ की तरफ से अपने नीचे कार्य करने वाले बाकी अधिकारियों को काम समझाना और उनके काम का निरीक्षण करना होता है. एसएचओ अपने क्षेत्र में कानूनी व्यवस्था बनाए रखने में काफी योगदान होते हैं. इसके अलावा एक स्टेशन हाउस ऑफीसर की और भी कई सारे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होते हैं जो कि कुछ इस प्रकार है-

1) एसएचओ का मुख्य कार्य अपने क्षेत्र में कानूनी व्यवस्था बनाए रखना होता है.

2) लोगों का शिकायत मिलने पर उसका जांच करना और गुनहगार को ढूंढना होता है.

3) अपने नीचे कार्य करने वाले अधिकारी को कार्य सपना और उसका रिपोर्ट लेना.

4) अपने क्षेत्र में समय-समय पर निरीक्षण करते रहना, और लोगों को सुरक्षा प्रदान करना.

5) अपने क्षेत्र में अवैध गतिविधि की खबर मिलने पर उसके ऊपर जल्द से जल्द कार्रवाई शुरू करना एसएचओ का काम होता है.

एसएचओ (SHO) कैसे बनते हैं?

एक एसएचओ बनना कोई आसान काम नहीं है, एसएचओ बनने में किसी किसी को सालों लग जाते हैं क्योंकि एसएसओ पद मैं डायरेक्ट भर्ती नहीं ली जाती है. एसएसओ आप सिर्फ पदोन्नति (promotion) के माध्यम से ही बन सकते हैं. अगर कोई Constable एसएचओ बनना चाहते हैं तो उसको सबसे पहले Head Constable बनना होता है उसके बाद ASI और उसके बाद SI, फिर जाकर उसे प्रमोशन के जरिए एसएचओ बनने का मौका मिलता है जिसमें लगभग 25 से 30 साल समय लगता है.

अगर आप भी कम समय के अंदर एक एसएचओ बनना चाहते हैं तो एसआई और एसआई के लिए समय-समय पर भर्ती ली जाती है, उसके लिए आवेदन करें और परीक्षा देकर एसआई (SI) या एएसआई (ASI) बने, उसके बाद 5 से 10 साल कार्य करके आप एक एसएचओ बन सकते हैं. आपके जानकारी के लिए यह भी बता दें कि अक्सर एक पुलिस इंस्पेक्टर को ही यह एसएचओ बनाया जाता है. अगर कोई छोटे थाने के सबसे ऊपर के पद पर एएसआई नियुक्त हैं तो वह एएसआई ही उस थाने का एसएचओ (SHO) होता है.

एसएचओ करने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए?

दोस्तों यदि आप भी एक थाना प्रभारी यानी पुलिस निर्देशक (SHO) बनना चाहते हैं तो उसके लिए आपके पास कुछ योग्यताएं अवश्य होनी चाहिए. दोस्तों ऐसे चुप बनना कोई जिसे आप नीचे दिए गए जानकारी को पढ़कर समझ सकते हैं,

  • एसएचओ बनने के लिए आपको सबसे पहले अपना 12वीं क्लास पास करना होता है किसी भी विषय में जैसे कि साइंस कॉमर्स और आर्ट्स. 
  • उसके बाद आपको स्नातक (graduation) पूरा करना होता है. आप BA, B.Sc या B.Com किसी भी एक कोर्स कर सकते हैं. 
  • ग्रेजुएशन में आप कानून मत हम 50% मार्क अवश्य होनी चाहिए. दोस्तों एक एसएचओ (SHO) बनने के लिए आपके पास यह सब योग्यता जरूर होनी चाहिए.

एसएचओ की वेतन कितनी है?

कई सारे दोस्तों के मन में यह सवाल जरूर आए होंगे कि एक एसएचओ की वेतन (salary) कितनी होती है. इसे एसएचओ वाले नई अधिकारी को शुरुआत में मिलने वाली वेतन लगभग 45 से 60 हजार रुपए तक होती है. फिर धीरे-धीरे जैसे-जैसे इनका तजुर्बा भरता जाता है वैसे वैसे इनकी वेतन भी बढ़ाया जाता है. आपको बता दें कि इसके अलावा एक एसएचओ को सरकार के तरफ से और भी कई सारी सुविधाएं दिए जाते हैं.

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